खेती बाड़ी
कोरोना संकट मे किसानो और खेती पर देश की आर्थिक स्थिति निर्भर करेगी
कोरोना संकट मे देश को गाँव किसानो से उम्मीद

करोना बीमारी के प्रभाव से इस समय पूरी दुनिया समस्या मे है. हमारा देश भारत भी एक साथ कई स्तरों पर इस बीमारी के कारण संघर्ष कर रहा है. जहां भारत में कोरोना से बीमारों की संख्या 2, 53,000 के करीब पहुच चुकी है, वही इससे मरने वालो की संख्या 7,000 को पार कर चुकी है. जो सबसे बरी समस्या इस समय सभी सरकारों और लोगों को परेशान कर रही है, वो है कि अभी तक इसका न कोई इलाज निकला है और न ही इससे बचाव का कोई टीका ही निकल पाया है. पूरी दुनिया के वैज्ञानिक कोरोना इलाज और टीका खोजने में तेजी से लगे है, पर उनको सफलता कब तक मिल पाएगी, इसका कोई भी निश्चित समय या उत्तर देने में सभी विफल हो रहे है.
ग्रामीण विकास की नई योजनाए एक उम्मीद

समस्याओ के साथ अफवाहों का बाजार गरम है. बरे पैमाने पर गरीब और मजदूर शहरो और औद्योगिक नगरो को छोर कर अपने गाँव-घर चले गए है. घटती आमदनी के कारन बाजार में कई चीजो की मांग घट गई है और उद्योग-धंधो का उत्पादन बुरी तरह घटा है. ऐसे मई किसान, खेती और गाँव ही आने वाले समय में देश की आर्थिक स्थिति को सबल दे सकेंगे.
कोरोना जैसी गंभीर समस्या के कारण गाँव की ओर बरी संख्या में लोगो का वापस जाना एक नई मुसीबत दिख रही हो, पर यदि सरकार ने इसे एक चुनौती के रूप में स्वीकार कर ग्रामीण विकास और कृषि के क्षेत्र में नए उत्साह से योजनाए चलाई, तो निश्चय ही भारत में एक नई सकारात्मक कहानी का सूत्रपात होगा.
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