सरकारी योजनाएं
ग्रामीण उद्यमिता जागरूकता विकास योजना
ग्रामीण उद्यमिता विकास योजना के अंतर्गत सरकार उन सभी छात्रों को एक सुनहरा मौका देना चाह रहीं है जो कृषि के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते है। जिनका लक्ष्य है सिर्फ खेती की पैदावार को बढ़ाना ही नहीं बल्कि खेती को एक बिजनेस के तौर पर उभारना। जिससे आप एक गुणा नहीं बल्कि दुगुणा मुनाफा कमा सके। आपको बता दें कि भारत सरकार ने इस योजना की शुरआत साल 2016 में की थी। इस योजना के जरिए सरकार का मुख्य उद्देश्य उन सभी छात्रों को खेती से जोड़ना हैं जो कृषि के लिए कुछ करना या खेती में अपना करियर बनाना चाहते है।
योजना से जुड़ी मुख्य बातें
1) इस योजना के अंतर्गत प्रयोगात्मक अध्ययन यानी प्रैक्टिकल ज्ञान को बढ़ावा दिया जायेगा।
2) प्राइवेट नौकरी के भांती हर तरह का ट्रेनिंग दिया जाएगा। जिससे आप खेती में अपना करियर बना सके।
3) स्व-रोजगार हेतु अपना बिजनेस आरंभ करने वाले बी.ए./ बी.एस.सी. / बी.कॉम या अन्य कोर्स के विद्यार्थियों को इस क्षेत्र में करियर बनाने हेतु जागरूक एवं ट्रेनिंग ( प्रशिक्षित ) किया जाएगा।
4) कृषि क्षेत्र से जुड़ा अपना बिजनेस कैसे शुरू करें, इसके लिये व्यावहारिक( प्रैक्टिकल ) प्रशिक्षण और कौशल विकास ( स्किल डेवलप ) का कार्य किया जायेगा।
5)कृषि क्षेत्र में अपना व्यापार शुरू करने के लिये सरकार यह भी बतायेगी कि आपको इस क्षेत्र में करियर बनाने या निवेश करने के लिए लोन कहां से मिलेगा।
6) कृषि क्षेत्र से जुड़े 100 से अधिक बिजनेस आईडिया हैं, जिनमें से किसी को भी चुन कर छात्र अपना करियर बना सकेंगे।
7) इसके अंतर्गत छात्रों को विदेश जाकर कृषि संबंधित ज्ञान या अन्य कृषि तकनीकियों के बारे में जानने का मौका मिलेगा।
8) इसके अंतर्गत तैयार किये गये पाठ्यक्रम( सिलेबस ) को विश्वस्तरीय मानकों को ध्यान में तैयार किया गया है।
कृषि स्नातकों के बीच व्यावहारिक अनुभव तथा उद्यमता कौशल प्राप्त करने के लिए अवसर प्रदान करने के लिए यह एक नया कार्यक्रम है। इस योजना के तहत स्नातक विद्यार्थी को 3000 रुपए प्रतिमाह छात्रवृति दी जाएगी। यदि आप कृषि विश्वविद्यालय के छात्र हैं, तो इस योजना के बारे में आप अपने विश्वविद्यालय प्रशासन से संपर्क कर अपना रजिस्ट्रशन करवा सकते हैं।
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